सचिव नरोत्तम शर्मा जी नेकहा कि प्रधानमंत्री मोदी 6 वर्षों से इस कार्यक्रम को कर रहे हैं बहुत ही अच्छी पहल है लेकिन मन की बात करने की अपेक्षा लोगों लोगों से मन की बात सुनने की आवश्यकता ज्यादा है कियोकि सुझाव व शिकायत का समाधान हो सके, क्योंकि इस समय देश का आर्थिक तंत्र कमजोर होता जा रहा है लोगों के रोजगार छिन गए ,संसाधन की कमी होती जा रही है जब संसाधन कम होंगे तो बेरोजगारी को दूर नहीं की जा सकता ,क्योकी देश को आर्थिक तंत्र मजबूत बनाने के लिए पूंजी की आवश्यकता है नरोत्तम शर्मा जी ने कहा कि सरकार विदेशी निवेशकों को लाभ देती है उन् धार्मिक संस्था व ट्रस्ट को भी उसका लाभ दें जो वर्षों से उस पैसे को रखे हुए हैं उस पै पैसे को उद्योगों में लगाएं जिससे देश आगे बड़े आर्थिक संकट से दूर हो,और उसके बदले उसका लाभ ट्रस्ट को भी दे ,क्योंकि यह ब्लॉक पैसा किसी कार्य में नहीं आएगा ,

दो नंबर के पैसे यानी ब्लैकमेल में रखे हुए पैसे वालों के लिए भी उन्होंने अपने विचार व्यक्त किए

उन्होंने कहा कि ब्लैक में रखे हुए पैसे वालों से भी सरकार को छूट दे देनी चाहिए कि आप अपने पैसे को 30 % टैक्स देने के बाद अपने पैसे को उधोगो में इन्वेस्ट कर सकते हैआपसे यह नहीं पूछा जाए कि यह पैसा कहां से आया,
इस सुझाव से मोदी जी का लक्ष्य 5 साल में 500 लाख इन्वेस्ट का सपना पूरा होगा,और हमें विदेशों से कम पैसे लाने की आवश्यकता रहेगी जो लाभ हम विदेशों को देते वह लाभ इन संस्था व ट्रस्टों को दे , जिससे देश उन्नति व विकास के रास्ते पर आगे बढ़े ,जन प्रहरी सचिव नरोत्तम शर्मा जी ने बताया कि रिजर्व बैंक का गोल्ड कम हो गया है सरकार के प्रति निवेशकों का विश्वास भी कम होता जा रहा है यदि रिजर्व बैंक को जितनी कमजोर होगी, विदेशी निवेशक हमसे दूर चले जाएंगे यदि प्रधानमंत्री द्वारा डिफेंस, इंफ्राटेक में या एमएसएमई में हम उन्हें पीपीई के तहत बांटकर उन्हें लाभ प्रतिवर्ष देने की बात भी कहीं, और इस कार्य को प्रधानमंत्री मोदी जी के अलावा कोई भी नहीं कर सकता क्योंकि उनमे विश्वास की कमी नहीं है, जिसके चलते जन प्रहरी सचिव ने मोदी जी से मन की बात में आग्रह किया कि देश में रखे हुए सोने को उद्योगों में लगाएं छोटे दोनों में लगाकर उनका लाभांश दे जिससे देश आगे बढ़े कियोकि देश से बढ़कर कुछ नही ,

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