पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री रामलाल राही का गुरुवार को जिला अस्पताल में निधन हो गया। बाबूजी के नाम से विख्यात यह हस्ती सिर्फ जिले से ही नहीं बल्कि दुनिया से मिट गई। उनके निधन की खबर लगते ही दिल्ली तक शोक की लहर दौड़ गई।

पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री की तबीयत खराब होने पर दोपहर करीब 11:30 बजे जिला अस्पताल लाया गया था। जहां पर कुछ समय इलाज के बाद उन्होंने कोविड वार्ड मैं अंतिम सांस ली। सीएमएस डॉ एके अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी रिपोर्ट का सैंपल लिया गया था, जो रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है।

रामलाल राही को कांग्रेस शासन काल में वर्ष 1991 में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बनाया गया था। वर्ष 1996 तक वह इस पद पर रहे। इसके बाबा एक मजबूत कांग्रेसी के तौर पर राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेते रहे।

सियासत का सफर :

रामलाल राही मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र से चार बार सांसद हरगांव विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे। यूपी की सियासत में उनकी मजबूत पैठ मानी जाती है। वर्तमान में उनके बेटे सुरेश राही भारतीय जनता पार्टी के हरगांव विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों को सियासती भागीदारी में शामिल किया। वर्तमान में वह बेटे की सियासत से अलग रहकर कांग्रेस की नीतियों का प्रचार कर रहे थे।

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