अहरौरा नगर पालिका के जेई ने आत्महत्या करने का किया प्रयास , नगर पालिका अध्यक्ष गुलाब मौर्या के प्रताड़ना से छुब्ध होकर खो बैठे आपा, मौके पर पहुंची पुलिस को पंखे से लटके मिले कपड़े, घटना के पूर्व घटना की जानकारी जेई ने स्वंय की थी वायरल, छुट्टी मांगने नपा अध्यक्ष के आवास पर गया था जूनियर इंजीनियर, छुट्टी न देकर अध्यक्ष ने जेई को किया था अपमानित, जेई सुशील मोहन की हालत बिगड़ी, स्थानीय अस्पताल में चल रहा इलाज, अपने तानाशाही के लिए मशहूर है नपा अध्यक्ष, जेई ने व्हाट्सएप्प ग्रुप में अपना संदेश डाल लगाए आरोप, अहरौरा क्षेत्र में पत्थर के बड़े कारोबारी है नगर पालिका अध्यक्ष गुलाब मौर्य, अहरौरा थाना के अहरौरा चौकी का है मामला । एक रिपोर्ट….

अहरौरा नगर पालिका परिषद के जेई सुशील मोहन निगम द्वारा आज सुबह आत्महत्या करने का प्रयास किया गया, मौके पर पहुंची पुलिस ने अवसाद से ग्रसित जेई को अस्पताल में भर्ती कराया है जहां इलाज चल रहा है । जेई ने नपा अध्यक्ष गुलाब मौर्य पर बार-बार प्रताड़ित किये जाने का आरोप लगाया है, आत्महत्या के पूर्व सोसल मीडिया पर जेई द्वारा लिखा गया –
सभी ग्रुप मेम्बर्स को अश्रुपूरित नयनों व अत्यंत ही दुखी मन से अवगत कराना है कि मैं सुशील मोहन निगम, अवर अभियंता (सिविल), नगर पालिका परिषद्, अहरौरा (मिर्जापुर)
गुलाब मौर्य, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद्, अहरौरा (मिर्जापुर) से अपने घर जाने हेतु दिनांक-26-12-2020 का आकस्मिक अवकाश कई दिन से मांग रहा हूँ लेकिन नहीं दिया और विनय कुमार तिवारी जी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद्, अहरौरा (मिर्जापुर) पर टाल दिया जब मैंने उनसे अवकाश मांगा तो उन्होंने भी नहीं दिया। उसी सन्दर्भ में अध्यक्ष जी के पास कल दिनांक-23.12.2020 लगभग सांय-6:00 बजे दुर्गा जी सामुदायिक भवन पर अपने घर जाने हेतु दिनांक-26-12-2020 का आकस्मिक अवकाश की अनुमति लेने गया था लेकिन अध्यक्ष जी के द्वारा मुझे बहुत ही अपमानित किया और मुझे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। मैं तुरंत ही वहां से बिना कुछ कहे-सुने अपमान का घूंट पीकर अपने आवास पर आ गया लेकिन वो घटना बार-बार मेरे दिलो-दिमाग व आंखों में घूमने के कारण मुझे उठते-बैठते चैन नहीं पड़ रहा था तो फिर कुछ समय बाद समय-9:30 बजे मैं नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विनय कुमार तिवारी जी के आवास पर उनसे मिलने गया लेकिन उन्होंने भी मुझसे कोई बात नहीं की। पूरी रात मेरे दिलो-दिमाग व आंखों में इस घटना के घूमते रहने के कारण मुझे रात भर ढंग से नींद भी नहीं आई। यहाँ यह भी अवगत कराना है कि मेरी तैनाती अपने घर से काफी दूर होने के कारण मेरे अधिकांश सार्वजनिक अवकाश यहीं तैनाती स्थल पर ही व्यतीत हो जाते हैं लेकिन मेरे दूर के रहने वाले व बाहरी होने के कारण जोइनिंग के बाद से ही अध्यक्ष जी के द्वारा मुझे आए दिन किसी न किसी बहाने मेरे कामों में कमियां निकाल-निकालकर मानसिक प्रताड़ित किया जाता रहता है और मुझे अपने घर जाने हेतु अवकाश नहीं दिया जाता है व अवकाश का प्रार्थना-पत्र देने के बाद भी मेरी अनुपस्थिति लगा दी जाती है व मेरी निगरानी भी की जाती है इससे मैं यहाँ अपने आप को काफी असुरक्षित व असहज महसूस करता हूँ। अध्यक्ष जी के मनमुताबिक कार्य न करने के कारण कभी मेरा वेतन रोक दिया जाता है, कभी मेरा वेतन अदेय कर दिया जाता है, कभी मेरा बोनस रोक दिया जाता है, प्रार्थना-पत्र देने के बाद भी मेरी अनुपस्थिति लगा दी जाती है तो कभी मेरा सर्विस रिकार्ड खराब करने की कोशिश की जाती रहती है और मेरा अवकाश का प्रार्थना-पत्र रिसीव करने के लिए कार्यालय के स्टाफ को मना कर दिया जाता है। इस प्रकार से मुझे यहाँ बन्धक बना लिया गया है जिससे मुझे यहाँ बहुत ही घुटन हो रही है। कुल मिलाकर अहंकारी व तानाशाही रवैये से दबाव में लेकर अपने मनमुताबिक काम कराने का हर प्रकार का हथकण्डा अपनाया जाता है। मेरे साथ घटित इस प्रकार की घटनाओं से मेरा मनोबल व सहनशक्ति लगभग समाप्त हो गई है एवं मैं बहुत ही अवसाद में जी रहा हूँ इससे नौकरी करने के साथ-साथ ही मेरी जीने की तमन्ना भी अब समाप्त हो गई है। इसलिए उपरोक्त सभी घटनाओं से क्षुब्ध होकर आज मैं अपनी जीवन लीला समाप्त कर रहा हूँ जिसकी पूर्ण रूप से समस्त जिम्मेदारी नगर पालिका के अध्यक्ष गुलाब मौर्य की होगी।
अन्त में सभी ग्रुप मेम्बर्स, अहरौरा वासियों व मिर्जापुर वासियों से विनम्र अपील है कि मेरे जीते जी तो किसी ने मेरा कोई सहयोग नहीं किया कम से मेरे बाद मेरे घर-परिवार का ख्याल रखना।

Bite 1:- सुशील मोहन निगम, पीड़ित जेई

जेई के आरोप पर नपा अध्यक्ष से बार बार संपर्क करने का प्रयास किया गया पर उनके द्वारा एक बार भी अपना मोबाइल रिसीव नहीं किया गया । इस बारे में अधिशासी अधिकारी विनय तिवारी ने कैमरे के सामने कुछ भी नही कहा पर कैमरे के पीछे कहा कि जेई का आरोप झूठा है, उसे कई बार छुट्टी दिया गया है । शासन स्तर से कई योजना में काफी कार्य है ऐसे में बार बार छुट्टी कैसे दिया जा सकता है । वह आगरा जिले का रहने वाला है, घर से दूर होने के कारण वह यहां नौकरी नहीं करना चाहता । जेई के आत्महत्या करने के बाबत शासन को लिखा जा रहा है ।

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