जिला प्रशासन और कृषि विभाग की तमाम कोशिशों के बाद भी धड़ल्ले से जल रही है पराली

मथुरा प्राकृतिक वातावरण को एवं वायु प्रदूषण को शुद्ध करने के उद्देश्य व प्रदेश सरकार की नीतियों के आधार पर एनजीटी और माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन में जिला प्रशासन और कृषि विभाग दोनों ही पराली से होने वाले प्रदूषण को रोकने में लगे हुए हैं लेकिन बावजूद इसके भी सैकड़ों किसान खेतों में ही पराली को जला रहे हैं जबकि ऐसे मामले 22 सैटेलाइट के जरिए सामने आए हैं जिन पर कृषि विभाग द्वारा f.i.r. कर कार्यवाही कराई गई है कटिंग मशीन में लगाए गए s.m.s. के जरिए धान की पराली को नष्ट करने का प्रावधान है और जिसके लिए जगह जगह पर कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा अधिकारी तैनात किए गए हैं किसानों को जागरूक करने के लिए और पराली को खेतों में ही नष्ट करने के लिए तमाम योजनाएं बनाई गई है लेकिन अगली फसल की तैयारियों को लेकर तत्काल को नष्ट करने के लिए शुगम तरीका अपना रहे हैं जिसमें रात्रि में पराली में आग लगा देते हैं ताकि कृषि अधिकारियों से बचा जा सके इस संबंध में जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक डॉक्टर धूरेंद्र सिंह ने बताया किसानों पर कई तरह से निगरानी रखी जा रही है लेकिन रात्रि का फायदा उठाकर किसान पराली को जला रहे हैं हालांकि ऐसे 22 मामले सामने आए हैं जिन्हें सेटेलाइट के जरिए पकड़ा गया है और उन पर कार्रवाई की जा रही है हम आपको बता दें पराली से होने वाले धुएं से वायु प्रदूषण फैलता है जो मनुष्य स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो रहा है जिससे स्वाष्न संबंधी बीमारियां जन्म ले रही है

मथुरा से कैमरामैन भक्ति प्रिया भानुप्रिया के साथ डॉ केशव आचार्य गोस्वामी की खास रिपोर्ट

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