चमका आगरा..

जीडी गोयनका की छात्रा इशिका बंसल को मिला विश्व स्तरीय सम्मान..

अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित पत्रिका “पोलीफोनीलिट” ने आगरा की युवा लेखिका व ब्लॉगर इशिका बंसल को किया एडिटोरियल बोर्ड में शामिल..

हाल ही में आई है इशिका की कविताओं पर समीक्षा की एक पुस्तक..

आगरा। जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में दसवीं कक्षा की छात्रा और ताजनगरी की लोकप्रिय युवा कवयित्री इशिका बंसल के खाते में अब एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। इशिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से ताज नगरी गौरव का अनुभव कर रही है‌। अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठित पत्रिका “पोलीफोनीलिट” ने आगरा की युवा लेखिका इशिका बंसल को अपने फर्स्ट रीडर्स के एडिटोरियल बोर्ड में शामिल किया है। गौरतलब है कि पोलीफोनीलिट शिकागो की ऐसी पत्रिका है जिसे महान साहित्यकार बिली लॉम्बार्डो का संरक्षण प्राप्त है। इसके वार्षिक जर्नल में दुनिया भर के चुनिंदा व बेहतरीन अंग्रेजी आलेखों और कविताओं को प्रकाशित किया जाता है। यह मैगजीन क्लौडिया एन सीमन अवार्ड को अनुदान भी देती है।
इशिका बंसल को मिली इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि से आगरा के साहित्यकार व शिक्षाविद उत्साहित हैं। ख्याति प्राप्त वरिष्ठ अंग्रेजी कवि राजीव खंडेलवाल, डॉ. आर एस तिवारी शिखरेश, डॉ. एनके घोष, पम्मी सडाना, साधना भार्गव, डॉ. रोली सिन्हा, नूतन अग्रवाल ज्योति, कवि अनिल कुमार शर्मा, जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल के चेयरमैन संजय अग्रवाल और प्रधानाध्यापक पुनीत वशिष्ठ ने इशिका बंसल को बधाई दी है।

हाल ही में आई समीक्षा की पुस्तक..
आगरा की युवा अंग्रेजी लेखिका इशिका बंसल के पूर्व में प्रकाशित दो अंग्रेजी-कविता संग्रहों में छपी कविताओं को देश-दुनिया के जाने-माने अंग्रेजी कवि-समीक्षकों की सराहना लगातार मिलती रही है। अब उल्लेखनीय यह है कि देश-दुनिया के समीक्षकों की उसकी कविताओं के बारे में व्यक्त की गई राय को गुड़गांव की “ग्लोबल फ्रेटरनिटी ऑफ पोइट्स” ने पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया है। इस पुस्तक का संपादन भी आगरा के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अंग्रेजी कवि-समीक्षक राजीव खंडेलवाल ने किया है।
इसमें रेजीनाल्ड मेसी (यूके), भूपेंद्र परिहार (लुधियाना) सहित देश भर के जाने-माने 47 अंग्रेजी कवि-समीक्षकों के विचार उनके परिचय सहित दर्ज किए गए हैं। पुस्तक का शीघ्र ही विमोचन किया जाएगा।

गिनीज बुक में की दावेदारी ..
इशिका बंसल ने बताया कि अब इस पुस्तक के साथ वह 16 वर्ष तक के आयु-वर्ग में विश्व की ऐसी पहली युवा ऑथर हो गई है जिसको राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिलने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर की पत्रिका के एडिटोरियल बोर्ड में शामिल किया गया है। इस कैटेगरी में उन्होंने विश्व रिकॉर्ड के लिए गिनीज बुक में दावेदारी कर दी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here